भाव या अनुभूति | आचार्य रामचंद्र शुक्ल | ramchandr shukl

 ramchandr shukl hindi notes in details   भाव या अनुभूति (आचार्य रामचंद्र शुक्ल) आचार्य शुक्ल के अनुसार मानव की मूल अनुभूतियाँ दो है सुख तथा दुःख। भाव या मनोविकार की परिभाषा देते हुए लिखते हैं “नाना विषयों के बोध का विधान होने पर ही उनसे सम्बन्ध रखने वाली इच्छा की अनेकरूपता भिन्न -भिन्न अनुभूति भाव … Read more

मालती का चरित्र चित्रण | गोदान | प्रेमचंद

इस लेख में आप पढ़ेंगे गोदान के प्रमुख पात्र मालती का चरित्र चित्रण। लेख को अंत तक अवश्य पढ़ें ताकि इस विषय पर आप गहराई से समझ पा सके। – प्रेमचंद ने अपने पात्रों के चरित्र पर प्रकाश आरंभ में डाला है। – दूसरी महिला जो ऊंची एड़ी का जूता पहने हुए हैं , और … Read more

प्रेमचंद कथा जगत एवं साहित्य क्षेत्र | godan notes | munshi premchand

कथा साहित्य में ‘प्रेमचंद’ को विश्व का ‘महान कथाकार’ , ‘कलम का सिपाही’ और ‘उपन्यास का सम्राट’ आदि अनेक अलंकारों से सुशोभित किया जाता है। उनके पिता ‘मुंशी अजायब लाल’ डाक मुंशी थे ‘कजाकी’ (कहानी) में मुंशी जी ने अपनी बात बच्चों के मुंह से कहलवाई है “बाबूजी बड़े गुस्सेवर है उन्हें काम बहुत करना … Read more

गोदान की मूल समस्या – गोदान एक नज़र में | godan notes in hindi |

मुंशी प्रेमचंद को कलम का सिपाही कहा गया है, उन्होंने उपन्यास तथा कहानी के क्षेत्र में अद्वितीय कार्य किया है। गोदान उपन्यास मध्यम वर्गीय समाज का महाकाव्य है। इस उपन्यास में मुंशी जी ने उन सभी पहलुओं पर विचार किया है जो मध्यमवर्गीय तथा निम्न वर्गीय समाज में घटित होता है। किस प्रकार अमीर और … Read more

harishankar parsai | हरिशंकर परसाई | भोलाराम का जीव

हरिशंकर परसाई मुख्य रूप से व्यंग्यकार थे उन्होंने समाज के भीतर विसंगतियों तथा कुरीतियों, अन्याय, अत्याचार को देखकर अपने लेख में व्यंग्य के माध्यम से उजागर किया है तथा सामान्य जन और अफसरशाही लोगों को सोचने पर विवश किया है। उनके काव्य रोचक और विसंगतियों को उजागर करते हुए प्रतीत होते हैं, जो पाठकों को … Read more

प्रेमचंद के साहित्य पर संछिप्त परिचय। premchand short story

प्रेमचंद जी को कहानी का सम्राट कहा गया है उन्होंने अपने कहानी के माध्यम से उस समाज को छुआ जिस समाज से सभी दूरी बना कर रहा करते थे जो सदैव हास्य स्थिति पर थे जिनका सदैव दमन किया जाता था उनका शोषण किया जाता था उनकी लगभग समस्त कहानियां उस समाज की जिजीविषा को … Read more

सूर्यकांत त्रिपाठी निराला। निराला संस्मरण suryakant tripathi nirala

निराला ( संस्मरण ) लेखिका महादेवी वर्मा जीवन  बड़ी उबड़ -खाबड़ अव्यवस्थित रही शुरू से अंत तक जीवन अभावग्रस्त रहा। महाप्राण निराला, कर्ण के समान महादानी निराला आदि अनेक नामों से प्रख्यात हुए। बसंत पंचमी के दिन जन्म लेने पर भी उनके जीवन में बसंत का सौरभ (भवरा )और मधुऋतु कभी नहीं आई उनका जीवन … Read more

purskar natak | पुरस्कार जयशंकर प्रसाद। पुरस्कार नाटक के नोट्स

यह नोट्स विद्यार्थी को ध्यान में रखकर बनाया गया है। जो विद्यार्थी परीक्षा व किसी प्रतियोगिता के लिए तैयारी करते हैं उनके पास ऐसा साधन नहीं होता कि 1 घंटे या 1 दिन में पूरा कहानी या पूरा उपन्यास पढ़ सकें। ऐसी परिस्थिति में हम आपको कहानी , नाटक व उपन्यास का सार बहुत ही … Read more

dewsena ka geet | देवसेना का गीत। जयशंकर प्रसाद।

प्रस्तुत लेख में आप जयशंकर प्रसाद द्वारा रचित कविता देवसेना का गीत पर विस्तृत रूप से अध्ययन प्राप्त करेंगे, साथ ही कविता की व्याख्या भी आप यहां पढ़ सकते हैं यह लेख विद्यार्थियों के लिए बेहद लाभदायक है। देवसेना का गीत देवसेना का गीत छायावादी कवि जयशंकर प्रसाद जी के नाटक ‘स्कंदगुप्त’ से लिया गया … Read more

राम परशुराम लक्ष्मण संवाद ( प्रसंग एवं व्याख्या सहित )

रामायण के घटनाक्रम में परशुराम की उपस्थिति धनुष भंग होने के उपरांत होती है। जिसमें लक्ष्मण परशुराम का संवाद अत्यंत रोचक होता है। जहां अन्य प्रतापी राजा परशुराम की उपस्थिति से थर-थर कांपते हैं, वही एक बालक परशुराम के क्रोध को भड़काता है। राम-परशुराम-लक्ष्मण संवाद में हम उसी प्रसंग का अध्ययन करेंगे। यह अंश रामचरितमानस … Read more