हिंदी काव्य ,रस ,गद्य और पद्य साहित्य का परिचय।

Hindi kavya full information with types, definition and examples. हिंदी काव्य ,रस ,गद्य और पद्य साहित्य का परिचय। हिंदी काव्य हिंदी काव्य का सृजन गद्य और पद्य के आधार पर ही अधिक प्रचलित है। गद्य लेखन की दृष्टि से भारतेंदु युग के उपरांत हिंदी साहित्य के एक नई क्रांति का सूत्रपात हुआ है। आज हिंदी … Read more

यशोधरा मैथलीशरण गुप्त की नारी भावना maithili sharan gupt ki nari bhavna

यशोधरा मैथिलीशरण गुप्त की कालजई रचना है इसके माध्यम से गुप्ता जी ने नारी के भावनाओं को उद्घाटित किया है। उनके त्याग और समर्पण के अद्वितीय भाव को उकेरने का प्रयास किया गया है। पुरुष प्रधान समाज में नारी के त्याग को नजरअंदाज किया गया था, जिसे गुप्तजी ने अपने साहित्य में प्रधान बना दिया। … Read more

यह कदम का पेड अगर माँ हिंदी कविता | yah kadam ka ped agar maa | hindi poem

कदम का पेड यह कदंब का पेड़ अगर माँ , होता यमुना तीरे , में भी उसपर बैठ कन्हैया बनता धीरे – धीरे। ले देती यदि मुझे बांसुरी तुम दो पैसे वाली , किसी तरह नीची हो जाती यह कदंब की डाली। तुम्हे नहीं कुछ कहता पर में चुपके – चुपके आता उस नीची डाली … Read more

जयशंकर प्रसाद राष्ट्रीय जागरण jaishankar prasad ki rashtriya chetna

जयशंकर प्रसाद छायावादी कवि थे। उन्होंने राष्ट्रीय जागरण में बढ़ चढ़कर भाग लिया था। उनकी ख्याति मुख्य रूप से नाटककार तथा कवि के रूप में हुई है। उनके ऐतिहासिक नाटकों ने जनसामान्य को नवजागरण के लिए प्रेरित किया, जिसमें उन्होंने अतीत के गौरव को जन सामान्य के समक्ष रखा।  उनके पूर्वज किस प्रकार के गौरवशाली … Read more

भ्रमर गीत। उद्धव का गोपियों को संदेश।

इस लेख में आप भ्रमरगीत के संदर्भ में जानकारी हासिल करेंगे। यह लेख आपको विद्यालय तथा विश्वविद्यालय की परीक्षाओं के लिए सहयोग कर सकती है। भ्रमर गीत। उद्धव का गोपियों को संदेश भ्रमर गीत उद्धव कृष्ण के सखा गुरु बृहस्पति के शिष्य थे यादवों के मंत्री थे। वह विद्वान एवं चतुर थे। भ्रमरगीत में सूरदास … Read more

कवीर का चरित्र चित्रण ( कबीर की कुछ चारित्रिक विशेषता )

कबीर दास भक्त परंपरा में अग्रणी संत कवि माने गए हैं। यह भक्ति कालीन कवियों में गिने जाते हैं। कबीर दास का संपूर्ण साहित्य अध्ययन करने पर स्पष्ट होता है कि वह बहुमुखी प्रतिभा के धनी थे उन्होंने सामाजिक कुरीतियों पर सबसे ज्यादा व्यंगय किया। समाज सुधारक से लेकर वह ईश्वर की परम शक्ति तक … Read more

परशुराम की प्रतीक्षा ( रामधारी सिंह दिनकर )

रामधारी सिंह दिनकर की परशुराम की प्रतीक्षा सामाजिक विषय पर आधारित है। जिसमें उन्होंने जनता को कुछ महत्वपूर्ण संदेश दिया है। इस लेख में हम उन उद्देश्यों को समझने का प्रयास करेंगे। यह लेख आप अपने ज्ञान की वृद्धि तथा कॉलेज की परीक्षाओं के लिए पढ़ सकते हैं। प्रश्न – परशुराम की प्रतीक्षा के माध्यम … Read more

Sawadiya kahani in hindi | fanishwar nath renu ki kahani

संवदिया फणीश्वर नाथ रेणु की कालजई रचना है, जिसमें पारिवारिक मर्म को उकेरा गया है। संवदिया जो डाक का कार्य करता है उसके भीतर अपने गांव के प्रति किस प्रकार के विचार है। उसके भीतरी द्वंद्व आदि को इस पाठ में बारीकी से लिखा गया है। इस लेख का अध्ययन आप परीक्षा की दृष्टि से … Read more

रस के अंग और भेद Ras Full Notes in Hindi

ras ang or bhed. Ras ki paribhasha udharan shit, Ras kise kahte hai, Ras ki smpooran jankari

इस लेख में सभी रस का उदाहरण, परिभाषा, अंग तथा भेद आदि का विस्तार पूर्वक अध्ययन करेंगे। यह लेख रस के सभी आयामों को स्पष्ट करने में सहायक है। यहां अध्ययन के बाद आप रस को बेहद ही आसानी से समझ सकेंगे और अपने परीक्षा में पूछे गए प्रश्नों का ठीक प्रकार से उत्तर दे … Read more

भारत दुर्दशा की संवेदना एवं कारण ( भारतेंदु हरिश्चंद्र )

मुख्यतः  नाटक का आरंभ भारतेंदु युग से माना जाता है। भारतेंदु से पूर्व खड़ी बोली की प्रधानता थी। गद्य के विकास में कलकत्ता के फोर्ट विलियम कॉलेज की महत्वपूर्ण भूमिका रही। भारतेंदु का काल नवजागरण के नाम से भी जाना जाता है। नवजागरण की विशेषता आत्मअवलोकन तथा स्वयंमूल्यांकन की थी। नवजागरण का कारण था सामूहिक चेतना , सांस्कृतिक चेतना। नाटक सामाजिक कला है। अतः … Read more