गुरुदक्षिणा अनेकों प्रकार की होती है। किंतु सामान्य तौर पर एक शिष्य द्वारा अपने गुरु को सप्रेम किया गया भेंट गुरुदक्षिणा कहलाता है।
गुरुदक्षिणा का उपयोग गुरु दक्षिणा की राशि का खर्च
यहां हम राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ में होने वाले गुरुदक्षिणा की बात करते हैं। संघ में गुरु परम पवित्र भगवा ध्वज को माना गया है क्योंकि भगवा रंग शांति व शक्ति का प्रतीक है। यह अग्नि का भी रंग है ,जो बुराइयों को जलाकर भस्म करने की क्षमता रखता है। शिवाजी महाराज ने भी अपने हिंदू साम्राज्य सेना का गठन किया था ,तो यह पताका उनके सेना का प्रतीक था। देवी देवता भी इस ध्वज के पवित्र सानिध्य में असुरों का नाश करते आए हैं।
जब संघ में गुरु की खोज की गई तो लोगों की अनेक राय थी इस व्यक्ति को गुरु बनाया जाए , उस व्यक्ति को गुरु बनाया जाए, किंतु विचार किया गया कि क्या गुरु में कोई कमी नहीं होती तो जवाब में संतुष्टि नहीं मिली। गुरु द्रोणाचार्य श्रेष्ठ गुरु थे किंतु अर्जुन को दिए गए आशीर्वाद के कारण एकलव्य से अंगूठा मांगना प्रश्नचिन्ह लगाता है। ऐसे में एक ऐसे गुरु की खोज की गई जिसमें कोई कमी ना हो ,वह पवित्र हो ,त्याग की भावना रखता हो ,बुराइयों को स्वयं समाप्त कर दे, ऐसे में परम पवित्र भगवा ध्वज को गुरु रुप में खोजा गया और उसे संघ में गुरू के रूप में स्वीकार किया गया।
Rss guru dakshina
सभी स्वयंसेवक वर्ष भर में 1 दिन अपने गुरु के दक्षिणा के रूप में अपनी श्रद्धा के अनुसार कुछ राशि परम पवित्र भगवा ध्वज को समर्पित करते हैं।
अब आप को यह जानने की उत्सुकता होगी कि यह राशि का उपयोग कहां किया जाता है। तो आपको पहले बता दें कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ कोई भी शुल्क या चंदा किसी भी माध्यम से नहीं लेता। वर्ष में एक बार होने वाले गुरुदक्षिणा की राशि से ही पूरे वर्ष का खर्च चलता है।
मुख्य खर्चे इस प्रकार हैं –
2900 से ज्यादा प्रचारक का खर्च
अनाथ बच्चों का पालन-पोषण
आपदाओं में अग्रणी भूमिका
आदिवासी क्षेत्र में गरीब विद्यार्थियों की पढ़ाई कपड़े किताब आदि का खर्चा
स्कूलों की स्थापना करना
संस्कृति की रक्षा करना आदि मुख्य खर्च होते हैं।
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Rss facts in hindi
१
2900 से ज्यादा प्रचारक अपने भारत को घर-परिवार मानकर दिन-रात संघ का प्रचार करते हैं।
जन कल्याण की भावना से अपने जीवन को भारत माता को समर्पित करते हैं उनके खर्चे गुरुदक्षिणा की राशि से निकलता है।
२
भारत के अनेक राज्यों ज्यादातर कश्मीर पूर्वोत्तर असम बंगाल आदि में मारे गए माता-पिता के बच्चों को ढूंढकर संघ उनको शरण देता है उनका पालन पोषण करता है।
३
आदिवासी क्षेत्रों में शिक्षा को पहुंचाने व संस्कृति को बचाने में संघ प्रयत्नशील है।
गरीब छात्रों की पढ़ाई कपड़े किताब आदि का खर्चा उठाता है।
४
देश में कहीं भी आपदा आती है तो संघ सरकार का इंतजार नहीं करती।
वह बिना किसी भेदभाव के की व्यक्ति किस धर्म समुदाय का है वह सहायता करती है।
यही कारण है कि संघ किसी भी आपदा में अग्रणी भूमिका निभाती है।
आशा है अब आपको संघ में आय- व्यय के स्रोतों का पता चल गया होगा ,गुरु दक्षिणा का महत्व पता चल गया होगा ,आशा है आप एक स्वयंसेवक की भांति जनकल्याण के लिए आगे बढ़ेंगे अपनी संस्कृति की रक्षा के लिए प्रयत्नशील रहेंगे।
भारत माता की जय
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आपके द्वारा जो संघ के विषय में जानकारी दी गई है संघ में गुरु दक्षिणा कार्यक्रम क्यों होता है जो आपने समाज को समझाने का प्रयास किया है उसके लिए आपका बहुत-बहुत धन्यवाद और इसी तरह संघ और क्या कार्य करता है यह समय-समय पर समाज के बीच में इसकी जानकारी सबको मिलती रहे इसी आशा और विश्वास के साथ आपका पुनः बहुत-बहुत धन्यवाद जय श्री राम वंदे मातरम
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ पूरे विश्व का एक नंबर का संगठन है आज इस संगठन के नाते आसुरी शक्तियां घबराती है इसमें प्रत्येक स्वयंसेवक अवैतनिक सैनिक की तरह काम करता है अनुकूलता का लाभ उठाते हुए प्रतिकूलता में मार्ग बनाने का काम स्वयंसेवक आसानी से कर लेते हैं
गुरु दक्षिणा पर्व के बारे में आपने जो जानकारी दी उसके लिए बहुत-बहुत धन्यवाद
संघ विश्व का सबसे बड़ा सामाजिक संगठन है। संघ के द्वारा भारतवर्ष में एक लाख सत्तर हजार सेवा कार्य चलाये जाते हैं जिसमें शिक्षा, स्वास्थ्य, कृत्रिम अंग, पर्यावरण, जल सरंक्षण, गौ सरंक्षण, समरसता, आदि अनेक सामाजिक जागरूकता के कार्य किये जाते हैं.
संघ राष्ट्र के प्रति समर्पण व सेवा का भाव जाग्रत करता है। इसको साम्प्रदायिक संगठन कहने वाले देश के हितैषी नहीं हो सकते।
RSS is the world’s largest social organisation,Its Sawamsewak ready every time for welfare of the society without any discrimination on account of caste creed and religion . We must go at least one time in Shakha of RSS to have the real feeling of RSS
सराहनीय
Guru Dakshina programme of Sangh conducted annually starting from Guru Purnima. It is an opportunity for RSS workers to surrender before sacred Bhagwa Dwaj by offering respects in the form of money, flowers and salutations. Money offered by RSS workers utilized to do welfare activities for orphan children, helping people in national calamities,
education of underprivileged children without any delay. The amount utilized for construction of schools and hostels for these children . The parcharaks working tirelessly day and night without any salary are given very little amount to meet their daily requirements like travelling for extension of Sangh work. These people have left their houses with sole motto of sacrificing their lives for the welfare of motherland.
भारतीय संस्कृति का रक्षक एवम अग्रणी ध्वज वाहक राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ किसी की प्रशंसा का महोताज नहीं है। यह स्वयं एक परिपूर्ण देश सेवा के लिऐ एक अग्रणी संगठन है।
संघ व्यक्ति निर्माण के साथ साथ राष्ट्र निर्माण का पुनीत कार्य भी करता है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ गुरु दक्षिणा उत्सव के बारे में जानकारी देने के लिए हार्दिक आभार जी।
गुरु दक्षिणा के बारे में जो हमको जानकारी दी गई वह बहुत ही अति उत्तम है राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ बहुत ही सराहनीय कार्य करता है गुरु दक्षिणा से हो रहे उत्तम कार्य के लिए मैं संघ का आभार व्यक्त करता हूं और यह जानकारी देने के लिए हार्दिक आभार व्यक्त करता हूं
आपने बहुत ही सुन्दर तरीके से संघ को और संघ की श्री गुरु जी की जानकारी दी
बहुत सुंदर ढंग से आपने गुरूदक्षिणा के संदर्भ में जानकारी दी।बहुत-बहुत साधुवाद।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ त्याग मय जीवन का एक ज्वलंत उदाहरण है। और यह सब भगवा ध्वज के सानिध्य में दैनंदिन शाखा में ही संभव है।